हाल ही में मुख्यधारा की मीडिया पत्रकार अंजना ओम कश्यप द्वारा यूट्यूब शिक्षकों (YouTube Teachers) पर की गई टिप्पणी ने देश भर में एक नई बहस छेड़ दी है. एक टीवी डिबेट के दौरान उन्होंने ऑनलाइन शिक्षकों की योग्यता पर सवाल उठाते हुए उन्हें पारंपरिक शिक्षकों से कमतर आंकने की कोशिश की, जिसका सोशल मीडिया पर कड़ा विरोध हुआ. यूट्यूब पर पढ़ाने वाले शिक्षकों की इस विशाल बिरादरी का एक हिस्सा होने के नाते, यह बयान मुझे व्यक्तिगत रूप से प्रभावित करता है. मेरा मानना है कि यह विवाद इस बात को गहराई से समझने का एक बेहतरीन अवसर है कि आधुनिक समय में यूट्यूब शिक्षक देश के युवाओं को कितना बड़ा संबल दे रहे हैं.

डिजिटल मार्केटिंग और एसईओ शिक्षक के रूप में मेरा व्यक्तिगत अनुभव
यूट्यूब पर केवल स्कूली विषयों या सरकारी नौकरियों की तैयारी ही नहीं कराई जाती, बल्कि यह आधुनिक कौशल (Modern Skills) सीखने का भी सबसे बड़ा केंद्र है. मैं खुद एक यूट्यूब शिक्षक हूं और पिछले लंबे समय से अपने चैनल के माध्यम से युवाओं को डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) और एसईओ (SEO – Search Engine Optimization) की बारीकियां सिखाता आया हूं.

जब अंजना ओम कश्यप जैसी पत्रकार ऑनलाइन शिक्षकों की योग्यता पर सवाल उठाती हैं, तो वे हमारी उस मेहनत को अनदेखा कर देती हैं जो हम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए करते हैं. मेरा यह निजी अनुभव रहा है कि:

  • रोजगार की सीधी गारंटी: पारंपरिक डिग्रियां हासिल करने के बाद भी आज के युवा बेरोजगार भटक रहे हैं. ऐसे में जब मैं अपने चैनल पर युवाओं को एसईओ (SEO) और डिजिटल मार्केटिंग सिखाता हूं, तो वे सीधे तौर पर फ्रीलांसिंग, ब्लॉगिंग या कंपनियों में नौकरी पाने के काबिल बनते हैं.
  • किताबी ज्ञान से परे व्यावहारिक शिक्षा: डिजिटल तकनीक और गूगल के एल्गोरिदम हर दिन बदलते हैं. कोई भी कॉलेज की किताब इन्हें तुरंत अपडेट नहीं कर सकती. एक यूट्यूब शिक्षक के रूप में, मैं रोज़ नया सीखता हूं और तुरंत वास्तविक समय (Real-time) का ज्ञान अपने छात्रों तक पहुंचाता हूं.

ज्ञान बढ़ाने और दूसरों से सीखने का एक अनूठा माध्यम
मेरे विचार में, यूट्यूब केवल मेरे लिए दूसरों को ज्ञान देने का जरिया नहीं है, बल्कि यह मेरे खुद के विकास का भी एक अद्भुत माध्यम है. जब मैं ऑनलाइन वीडियो बनाता हूं, तो मुझे खुद को हर दिन अपडेट रखना पड़ता है. वीडियो के कमेंट बॉक्स में जब देश-विदेश के छात्र और प्रोफेशनल्स मुझसे सवाल पूछते हैं या अपने सुझाव देते हैं, तो उससे मेरा खुद का ज्ञान भी समृद्ध होता है. यह मंच ‘एकतरफा पढ़ाई’ का नहीं, बल्कि ‘आपसी सीख’ (Mutual Learning) का एक जीवंत उदाहरण है, जहां एक शिक्षक भी हर दिन एक छात्र बनकर कुछ नया सीखता है.

मेरे विचार में – टिप्पणी
मुख्यधारा के मीडिया द्वारा ऑनलाइन शिक्षकों को कम आंकना डिजिटल युग की हकीकत को न समझ पाना है. हम यूट्यूब शिक्षक सिर्फ वीडियो नहीं बनाते, बल्कि उन लाखों युवाओं के सपनों को पंख देते हैं जो महंगे संस्थानों की फीस नहीं भर सकते. डिजिटल मार्केटिंग और एसईओ जैसे कौशल सिखाकर हम देश के युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहे हैं. मेरा दृढ़ विश्वास है कि यूट्यूब पर मौजूद ज्ञान का यह आदान-प्रदान समाज को अधिक कुशल, जागरूक और शिक्षित बनाने का सबसे सशक्त माध्यम है, और इस डिजिटल क्रांति को किसी भी टिप्पणी से कमजोर नहीं किया जा सकता.